प्रेम, सेवा और भक्ति के संदेशवाहक बाबा नीम करौली की पुण्यतिथि पर उमड़ी भीड़ ।

लखनऊ में हनुमान सेतु मंदिर सहित बाबा से जुड़े स्थलों पर हुए विविध धार्मिक आयोजन ।
सुनील अवस्थी। संवाददाता 

लखनऊ। प्रेम, सेवा, करुणा और मानवता को जीवन का आधार बनाने वाले संत बाबा नीम करौली महाराज की आज 11 सितंबर को 53वीं पुण्यतिथि पर श्रद्धालु ने उन्हें श्रद्धा एवं भक्ति के साथ स्मरण किया। बाबा के अनुयायियों के लिए यह दिन केवल उनके महाप्रयाण को याद करने का अवसर ही नहीं, बल्कि उनके बताए “प्रेम करो, सेवा करो और ईश्वर को याद रखो” के संदेश को जीवन में उतारने का संकल्प लेने का भी दिन है।
लखनऊ का हनुमान सेतु मंदिर बाबा की आध्यात्मिक विरासत से जुड़ा प्रमुख केंद्र है। उपलब्ध आधिकारिक विवरण के अनुसार, यहां प्रारंभिक आश्रम और हनुमान प्रतिमा की स्थापना बाबा से जुड़ी थी और बाद में वर्तमान भव्य मंदिर की स्थापना 26 जनवरी 1967 को बाबा के द्वारा हुआ था। आश्रम में बाबा की प्रतिमा के साथ हनुमान जी और शिवलिंग भी प्रतिष्ठित हैं तथा यहां नियमित रूप से श्रद्धालुओं के लिए पूजा-अर्चना और प्रसाद सेवा होती है। 

आज बाबा की पुण्यतिथि पर हनुमान सेतु परिसर और बाबा से जुड़े आश्रमों में सुंदरकांड, हनुमान चालीसा पाठ, रामचरितमानस पाठ, भजन-कीर्तन, हनुमान जी की विशेष पूजा-अर्चना, आरती, भंडारा एवं प्रसाद वितरण जैसे धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन श्रद्धालुओं की बाबा के श्रद्धालुओं द्वारा किया गया। इन आयोजनों में बड़ी संख्या में भक्त शामिल होकर बाबा और बजरंगबली का आशीर्वाद प्राप्त करते हैं।

हनुमान सेतु मंदिर की विशेष पहचान भक्तों की आस्था से जुड़ी पत्र परंपरा भी है। देश-विदेश से श्रद्धालु अपनी समस्याएं और मनोकामनाएं पत्र के माध्यम से हनुमान जी के चरणों में अर्पित करते हैं। बाबा की शिक्षाओं से प्रेरित यह परंपरा आज भी मंदिर की धार्मिक पहचान का हिस्सा बनी हुई है।

चमत्कारों से अधिक महत्वपूर्ण था सेवा का संदेश

बाबा नीम करौली के जीवन से जुड़ी अनेक चमत्कारिक कथाएं भक्तों और उनके संस्मरणों में मिलती हैं। बाबा की सबसे बड़ी विरासत उनके चमत्कारों से कहीं आगे प्रेम, सेवा और मानवता का संदेश है।

बाबा का जीवन इस बात की प्रेरणा देता है कि किसी भूखे को भोजन कराना, दुखी की सहायता करना, जरूरतमंद के साथ खड़ा होना और हर जीव में ईश्वर का अंश देखना ही वास्तविक आध्यात्मिकता है।

लखनऊ की धार्मिक पहचान में हनुमान सेतु मंदिर का विशेष स्थान

गोमती नदी के तट पर स्थित हनुमान सेतु मंदिर आज लखनऊ के प्रमुख धार्मिक स्थलों में शामिल है। बाबा नीम करौली की आध्यात्मिक विरासत से जुड़े इस मंदिर में वर्षभर श्रद्धालुओं की आवाजाही बनी रहती है। उत्तर प्रदेश में बाबा से जुड़े प्रमुख स्थलों को धार्मिक पर्यटन से जोड़ने की दिशा में भी हाल में ‘नीम करौली बाबा आध्यात्मिक सर्किट’ की पहल की गई है, जिसमें लखनऊ का हनुमान सेतु मंदिर भी शामिल है। 

बाबा नीम करौली महाराज की पुण्यतिथि पर सच्ची श्रद्धांजलि यही होगी कि उनके जीवन के मूल संदेश प्रेम, सेवा, करुणा और मानवता को अपने आचरण का हिस्सा बनाया जाए। बाबा की स्मृति में देशभर में गूंजती हनुमान चालीसा की ध्वनि और सेवा के लिए बढ़ते हाथ आज भी उनकी जीवंत आध्यात्मिक विरासत की अनुभूति कराते हैं।
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